पंकज कुमार की रपट
कोलकाता: क्या देश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इशारे पर मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाला इंजेक्शन दिया जा रहा है? क्या छोटी चेचक को मिटाने के नाम पर मुसलमानों को मिटाने की साजिश रची जा रही है? ये सवाल इसलिए क्योंकि सोशल मीडिया पर घूम रहे एक मैसेज के जरिए दावा किया जा रहा है कि हिंदुस्तान में मुसलमानों को नपुंसक बनाने के लिए एक इंजेक्शन तैयार किया गया है और दावे के मुताबिक ये इंजेक्शन बीमारी से बचाने के बहाने स्कूलों में मुसलमान बच्चों को लगाया जा रहा है? आखिर क्या है हिंदुस्तान में मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाले टीके का सच?
क्या मुसलमानों के खिलाफ कोई इंजेक्शन तैयार किया गया है? क्या नसों में छेद करती सुई के सहारे खून में उतरने वाली कोई दवा मुस्लिमों को नपुंसक बनाने की साजिश है? क्या बीमारी से बचाने वाला कोई टीका मुसलमानों की जनसंख्या वृद्धि रोक सकता है? क्या हिंदुस्तान में मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाला कोई टीका स्कूलों में भेजा जा रहा है?
ये है वो वैक्सीन जिसके बारे में दावा है कि ये जिसके शरीर में उतर जाए उसे नपुंसक बना देती है. तस्वीर के साथ पूरा मैसेज है मैसेज में क्या लिखा है देखिए
प्यारे भाईयों और बहनों, अस्सलामआलेकुम भारत के सभी स्कूलों में बच्चों को इंजेक्शन देने का फैसला किया गया है. इसलिए भाईयों अपने बच्चों को इंजेक्शन मत लगने दीजिएगा इस पर आपत्ति दर्ज कीजिएगा. ये आरएसएस यानि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की योजना है. जब आपके बच्चे 40 के आसपास हो जाएंगे तो वो अपने बच्चे नहीं कर पाएंगे. केरल के एक टीचर ने बताया है कि ये इंजेक्शन सिर्फ मुस्लिम बच्चों को ही देना है. तो अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए ये इजेंक्शन उन्हें मत लगने दीजिए.
लेकिन ऐसे वायरल मैसेज के जरिए कुछ गंदी मानसिकता के लोग हमारे देश में ना सिर्फ नफरत और डर फैलाने का काम कर रहे हैं बल्कि उन परिवार और बच्चों की जिंदगी से भी खेल रहे हैं तो ऐसे मैसेज में फंसकर अपजने बच्चों को टीका लगवाने से इंकार कर देंगे. यहां आपको बता दें कि चिकित्सकों के मुताबिक एक अन्य न्यूज़ अन्य न्यूज़ एजेंसी की तहकीकात में इस मैसेज के सबसे बड़े और खतरनाक आरोप का भी खंडन हुआ है.वो ये कि एम आर वैक नाम के टीके से कोई नपुंसक नहीं सकता है.
कोलकाता: क्या देश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इशारे पर मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाला इंजेक्शन दिया जा रहा है? क्या छोटी चेचक को मिटाने के नाम पर मुसलमानों को मिटाने की साजिश रची जा रही है? ये सवाल इसलिए क्योंकि सोशल मीडिया पर घूम रहे एक मैसेज के जरिए दावा किया जा रहा है कि हिंदुस्तान में मुसलमानों को नपुंसक बनाने के लिए एक इंजेक्शन तैयार किया गया है और दावे के मुताबिक ये इंजेक्शन बीमारी से बचाने के बहाने स्कूलों में मुसलमान बच्चों को लगाया जा रहा है? आखिर क्या है हिंदुस्तान में मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाले टीके का सच?
क्या मुसलमानों के खिलाफ कोई इंजेक्शन तैयार किया गया है? क्या नसों में छेद करती सुई के सहारे खून में उतरने वाली कोई दवा मुस्लिमों को नपुंसक बनाने की साजिश है? क्या बीमारी से बचाने वाला कोई टीका मुसलमानों की जनसंख्या वृद्धि रोक सकता है? क्या हिंदुस्तान में मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाला कोई टीका स्कूलों में भेजा जा रहा है?
ये है वो वैक्सीन जिसके बारे में दावा है कि ये जिसके शरीर में उतर जाए उसे नपुंसक बना देती है. तस्वीर के साथ पूरा मैसेज है मैसेज में क्या लिखा है देखिए
प्यारे भाईयों और बहनों, अस्सलामआलेकुम भारत के सभी स्कूलों में बच्चों को इंजेक्शन देने का फैसला किया गया है. इसलिए भाईयों अपने बच्चों को इंजेक्शन मत लगने दीजिएगा इस पर आपत्ति दर्ज कीजिएगा. ये आरएसएस यानि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की योजना है. जब आपके बच्चे 40 के आसपास हो जाएंगे तो वो अपने बच्चे नहीं कर पाएंगे. केरल के एक टीचर ने बताया है कि ये इंजेक्शन सिर्फ मुस्लिम बच्चों को ही देना है. तो अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए ये इजेंक्शन उन्हें मत लगने दीजिए.
लेकिन ऐसे वायरल मैसेज के जरिए कुछ गंदी मानसिकता के लोग हमारे देश में ना सिर्फ नफरत और डर फैलाने का काम कर रहे हैं बल्कि उन परिवार और बच्चों की जिंदगी से भी खेल रहे हैं तो ऐसे मैसेज में फंसकर अपजने बच्चों को टीका लगवाने से इंकार कर देंगे. यहां आपको बता दें कि चिकित्सकों के मुताबिक एक अन्य न्यूज़ अन्य न्यूज़ एजेंसी की तहकीकात में इस मैसेज के सबसे बड़े और खतरनाक आरोप का भी खंडन हुआ है.वो ये कि एम आर वैक नाम के टीके से कोई नपुंसक नहीं सकता है.

